Eco Friendly Diwali Decorations: प्रकृति के अनुकूल घर का बना सामान से मनाएं त्योहार

Eco Friendly Diwali Decorations: दिवाली का नाम सुनते ही मन में उजाले और रोशनी और रंग बिरंगी सजावट और मिठाइयां की खुशबू आने लगती है और नए कपड़ों की छवि उभर कर आती है। यह त्यौहार आध्यात्मिक और आत्म साक्षात्कार से लेकर सामाजिक मेल का प्रतीक माना जाता है लेकिन कुछ बरसों से दिवाली की चमक कम हो चुकी है और यह बहुत चिंताजनक बात मानी जा रही है और इसका प्रमुख रूप से कारण है पर्यावरण प्रदूषण और कचरे का बढ़ता हुआ प्रदूषण। ध्वनि प्रदूषण टॉप सुर्खियों में रहता है, क्योंकि लोग बहुत तेज डीजे सुनाने लगे हैं और चमक दमक वाले थर्माकोल के सितारे प्लास्टिक के फूल और केमिकल के रंग बहुत ज्यादा उपयोग किया जा रहे हैं। Eco Friendly Diwali Decorations के बारे में पूरी जानकारी आप अच्छे तरीके से प्राप्त करें और जानकारी आपको दिया जाएगा जो पर्यावरण के अनुकूल होगी और हमारे पर्यावरण को बचाना बहुत ज्यादा जरूरी है।

Eco Friendly Diwali Decorations में इको फ्रेंडली सजावट क्यों जरूरी है?

  • कचरे में कमी: लाना बहुत ज्यादा जरूरी है और इसीलिए घर का बना प्राकृतिक सजावट ज्यादातर होता है और इन्हें आसानी से कंपोज्ड किया जा सकता है और यह प्रकृति को प्रदूषण भी नहीं करते और मिट्टी का हिस्सा बहुत आसानी से बन जाते हैं।
  • रीसाइक्लिंग: और दोबारा इस्तेमाल किया जाना और पुरानी और अनुपयोगी चीजों को नया जीवन दिया जा सकता है और इससे नई चीज उत्पादित किया जा सकता है और प्रदूषण भी काम होता है और संसाधनों की बर्बादी भी नहीं होती है।
  • कम लागत लगने वाली है और प्राकृतिक सामग्री जैसे की पत्ते का इस्तेमाल किया जाना और फूल का इस्तेमाल किया जाना और मिट्टी या घर का कचरा इस्तेमाल करना और जैसे कि अखबार का इस्तेमाल करना और यह प्रकृति को बहुत कम नुकसान पहुंचाते हैं।
  • रासायनिक मुक्ति: बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक डेकोरेशन में हानिकारक केमिकल होते हैं और इसीलिए प्राकृतिक सजावट से घर कब वातावरण शुद्ध किया जा सकता है।
  • दिवाली आत्मा को आलोकित होने वाला त्यौहार है और हाथों से प्रकृति के हिसाब से सजावट करना चाहिए और एक साधन बन जाती है और तनाव मुक्त और बेहतरीन उपाय होता है।

Eco Friendly Diwali Decorations के तैयारी क्या जरूरी है?

इको फ्रेंडली सजावट के लिए बाजारों से चीज खरीदने की जरूरत नहीं है और आप अपने आसपास के सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं और भी जानकारी इसके बारे में प्राप्त करने वाले हैं।

प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल:

  • गेंदा का फूल और गुलाब की पंखुड़ियां का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आम के पत्ते और अमरूद और केले के पत्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सूखे फूल और पत्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • नारियल की जटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • लकड़ी के टुकड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मिट्टी के दिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कपड़े के टुकड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • प्राकृतिक रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं और हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं और सिंदूर का इस्तेमाल कर सकते हैं और मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं और चंदन का इस्तेमाल कर सकते हैं और कॉफी पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं और खासतौर पर ब्लैक कॉफी पाउडर होना चाहिए।

रिसायकल सामग्री:

  • ग्लास और प्लास्टिक का खाली बोतलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • डब्बे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • पुराने अखबार और मैगजीन और चार्ट पेपर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कार्डबोर्ड बॉक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • पुराने कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है और साड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • रंगीन धागे का इस्तेमाल किया जा सकता है और उनके गोले का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बुनियादी सामान:

गोंद का इस्तेमाल कर सकते हैं जो प्राकृतिक और सफेद वाला गोंद का इस्तेमाल करना चाहिए।
कैंची का इस्तेमाल कर सकते हैं और सुई का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Eco Friendly Diwali Decorations के स्टेप से इको फ्रेंडली डेकोरेशन की जानकारी?

  • प्राकृतिक रंगोली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • प्लास्टिक और केमिकल वाले रंगों की जगह पर निम्न प्रकार के विकल्प अपना सकते हैं।
  • फूलों की रंगोली बना सकते हैं और लाल और पीला रंग और गुलाबी पंखुड़ियां का इस्तेमाल कर सकते हैं और हरे पत्तों को बड़ी काटकर हरा रंग बना सकते हैं।
  • खाद्य पदार्थों की रंगोली बनाई जा सकती है और चावल की आटा का उपयोग कर सकते हैं।
  • हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सिंदुरिया कुमकुम लाल कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है और ब्लैक कॉफी पाउडर और सरसों का काला वाला इस्तेमाल कियाजा सकता है।
  • पिसा हुआ पलक हर इस्तेमाल कर सकते हैं और चांक पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • हरी इलायची पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं और भी बहुत सारे सामग्री होते हैं।
  • मूंग दाल पिसी हुई इस्तेमाल कर सकते हैं और चना दाल हल्की भूरी कला इस्तेमाल कर सकते हैं।

Eco Friendly Diwali Decorations ‍में मिट्टी के दीयों की सजावट?

  • मिट्टी के दियो को खरीदने ही चाहिए और यह प्राकृतिक से जुड़े होते हैं।
  • पुराने रंगीन सूत को दियो के किनारो पर गोंद लगाकर लपेट सकते हैं और रंग या रंग बिरंगी लेयर बना सकते हैं।
  • फूल पत्ती का डिजाइन बना सकते हैं और गोंद की मदद से दियो पर सूखा फुल पत्तियों और नारियल की जाता के छोटे टुकड़े चिपक सकते हैं।
  • प्राकृतिक रंग से पेंटिंग कर सकते हैं और हल्का हल्दी और कुमकुम और पाउडर को थोड़े से पानी में घोलकर दियो पर पॉलीस चढ़ा सकते हैं।
  • टिन के डिपो या बेकिंग को प्राकृतिक रंग में रंग कर उन में सजा सकते हैं।

Eco Friendly Diwali Decorations में पेपर क्राफ्ट का इस्तेमाल करना?

अखबार के पन्नों को रंगीन चोक पाउडर से रंग कर मैगजीन के रंगीन पन्नों से गुलाब, कमल और गेंदा जैसे फूल बना सकते हैं और माला में पिरो कर लटका सकते हैं और दीवार पर चिपका सकते हैं।
एक गुब्बारे पर गोंद लगाकर अखबार की पट्टी चिपका सकते हैं और पांच लेयर लगाने के बाद गुब्बारा सूखने पर फोड़ सकते हैं जो बहुत ही प्राकृतिक रंग के साथ में रहता है और बहुत प्यारा लगता है।

Eco Friendly Diwali Decorations में पुराने कपड़ों का नया रूप देना?

पुरानी सिल्क या जॉर्जेट साड़ी छोटे-छोटे पीस में काटकर लेयर जोड़ सकते हैं और मोती बटन लगा सकते हैं और किनारों की तरफ सजा सकते है।
और भी बहुत सारे तरीके हैं जैसे की लकड़ी और प्राकृतिक तत्वों का सजावट करना और मेरीगोल्ड गेंदे का माल का उपयोग करना और बच्चों के साथ बनाने के लिए बहुत सारे सरल आईडिया हैं और किसी भी प्रकार की समस्या पर कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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