Room Decoration: रूम डेकोरेशन के बारे में बात किया जाए तो डेकोरेशन सिर्फ फर्नीचर खरीदने और दीवारों को पेंट करने को नहीं कहा जाता है और विशेष तौर पर यह एक कला होती है और एक भी जान होती है और आत्म अभिव्यक्ति का एक शक्तिशाली माध्यम होता है। आपका रहने का घर भले ही विशाल हो लेकिन एक कंपैक्ट डेकोरेशन नहीं है और बड़ा सा मिरर नहीं है तो आपका घर अच्छा नहीं लगता और बहुत सारे लोग एक खूबसूरत घर का सपना देखते हैं और खूबसूरत सजावट चाहते हैं और इस आर्टिकल में यही आपको जानकारी दिया जाने वाला है।
Room Decoration का नींव रखना?
- किसी भी सफल रूम डेकोरेशन की शुरुआत सोच विचार और योजना से होती है।
- आवश्यकता का विश्लेषण करना और सबसे पहले खुद से पूछे कि कमरे की प्राथमिक उद्देश्य क्या होने वाली है और मेहमानों के लिए लिविंग रूम होगा या फिर स्टडी रूम बनेंगे या फिर बेडरूम बनाने वाले हैं। क्योंकि सभी को अलग-अलग तरीके से डेकोरेट कर सकते हैं।
- बजट का निर्धारण बहुत ज्यादा जरूरी है और एक खूबसूरत और रचनात्मक होम डेकोरेशन के लिए बजट तय करना बहुत ज्यादा जरूरी है और हमेशा जरूरी नहीं है कि महंगे डेकोरेशन सामग्री का इस्तेमाल करें। DIY के जरिए कम बजट में भी जबरदस्त तरीके से डेकोरेट किया जा सकता है।
- शैली की पहचान करना बहुत ज्यादा जरूरी है और आप किस शैली से आकर्षित हो रहे हैं और क्या मिनिमम लिस्ट फैली साफ सुथरी रेखाएं या खुली स्थान पसंद कर रहे हैं। सफेद रंग विशेष तौर पर घर को बड़ा दिखने में मदद करता है और आप पिंटरेस्ट के जरिए बहुत सारा डिजाइन प्राप्त कर सकते हैं।
Room Decoration में वास्तु शास्त्र का क्या कहना है?
- भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र का बहुत ज्यादा स्थान है और कठोर नियम को मानकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह किया जा सकता है।
- मुख्य द्वार का प्रवाह के बारे में बात किया जाए तो मुख्य द्वार कभी भी अवरुद्ध नहीं होना चाहिए और हमेशा साफ सुथरा रखें और विशेष तौर पर ध्यान रखें तभी ऊर्जा का प्रभाव होगा बिना किसी रूकावट के।
- बिस्तर का लगाने का सही स्थान दक्षिण पश्चिम कोना होता है।
- सिरहाना दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।
- बिस्तर के सामने दर्पण बिल्कुल भी नहीं लगाना है।
- तेज धार वाले कोनो के सामने सोने से बिल्कुल ही बचाना है।
- अध्ययन कक्ष के बारे में बात किया जाए तो टेबल इस तरह से रखना है कि आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में हो क्योंकि इससे एकाग्रता बढ़ती है।
- टेबल दीवार से सटाकर नहीं रखता है और पीछे कुछ खुला स्थान या मजबूत दीवार होनी चाहिए।
- रसोई घर और लिविंग रूम के बारे में बात किया जाए तो अग्नि तत्व स्टोव का स्थान दक्षिण पूर्व दिशा में सबसे उत्तम माना जाता है।
- लिविंग रूम में बैठने की व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिए की मेहमान उत्तर या पूर्व दिशा की ओर बैठे हो।
- तत्वों का संतुलन बहुत ज्यादा जरूरी है और पृथ्वी और जल और अग्नि और वायु और आकाश पर केंद्रित होना चाहिए।
- सजावट में अगर शामिल करना चाहते हैं तो मिट्टी के बर्तन पृथ्वी का प्रतीक माने जाते हैं और छोटा फवारा या नीले रंग का उपयोग जल का प्रतीक माना जाता है और मोमबत्ती का उपयोग अग्नि का प्रतीक माना जाता है और पंखे और खिड़कियां खुली रखना चाहिए क्योंकि वायु का प्रतीक माना जाता है और ऊंची छत हल्के रंग आकाश का प्रतीक माने जाते हैं।
Room Decoration का प्रमुख डिजाइन ट्रेंड और विचार?
- प्राकृतिक डिजाइन के बारे में बात करें तो शहरी जीवन में प्राकृतिक से जुड़ाव बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है और लोग स्नेक प्लांट का उपयोग कर रहे हैं और मनी प्लांट लगा रहे हैं जो प्राकृतिक पेड़ हैं और प्राकृतिक रंग हरे और भूरे और मिट्टी के रंग लोग शामिल कर रहे हैं।
- स्मार्ट और मल्टी फंक्शनल स्पेस के बारे में बात करें तो छोटे घरों के वजह से लोग एक ही कमरे में बहुत बेहतरीन डिजाइन कर रहे हैं और मल्टी बेड इस्तेमाल कर रहे हैं और मल्टी सोफा इस्तेमाल कर रहे हैं और फोल्डिंग टेबल इस्तेमाल कर रहे हैं जो कम जगह में ज्यादा बेहतरीन तरीके से काम करते हैं।
- टेक्सचर्ड और वॉलपेपर का लोग उपयोग कर रहे हैं,क्योंकि पेंटिंग में बहुत ज्यादा महंगे है, और इसीलिए 3D वॉल पैनल का इस्तेमाल कर रहे हैं और बोल्ड प्रिंट वॉलपेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं और इन्हीं की वजह से फोकस पॉइंट अपना बढ़ा रहे हैं।
- विंटेज और हाथ से बने सामग्री का जादू लोगों को बहुत ज्यादा भर रहा है और मशीन से बनने वाली चीज बहुत ज्यादा महंगी होती है और इसीलिए हाथ से निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ती जा रही है। हाथ से बना हुआ कालीन लोगों को पसंद आ रहा है और बहुत सारे लोग पुराने जमाने के सामान पसंद कर रहे हैं।
Room Decoration रंग का जादू?
- आप सभी को रंग का जादू नहीं मालूम होगा लेकिन शांति और शीतलता का प्रतीक नीला रंग और हरा रंग शांति का प्रतीक माना जाता है और विश्वास और ताजगी का एहसास दिलाने में मदद करता है।
- ऊर्जा और उत्साह का प्रवाह के बारे में बात किया जाए तो पीला और नारंगी रंग खुशी का प्रतीक है और ऊर्जा और रचनात्मक का संचार करता है और लिविंग एरिया में और डायनिंग एरिया में इन सभी कलर का प्रयोग किया जाता है।
- भूरा रंग और वेग और मिट्टी के रंग स्थिरता और गर्म जोशी और आराम का एहसास दिलाने में मदद करते हैं।
- रोमांस का कलर गहरा बेगानी और बरगंडी रंग रोमांस के लिए जाना जाता है और रहस्य और विलासिता का प्रतीक माना जाता है और कलर के तौर पर बेहतरीन काम करते हैं।
Room Decoration का फर्नीचर और लेआउट के बारे में जानकारी?
- कमरे में चलने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ना है और फर्नीचर इतना बड़ा नहीं होना चाहिए कि पूरा कमरा भरा भरा लगे।
- फोकस पॉइंट बनाए रखना है और हर कमरे का एक केंद्र बिंदु होना बहुत ज्यादा जरूरी होता है और टीवी यूनिट होना चाहिए और यह केंद्र में होना चाहिए और सुंदर सी खिड़की होनी चाहिए और फर्नीचर को इसके चारों ओर व्यवस्थित करना है।
- सभी फर्नीचर को एक ही ऊंचाई में रखना है और मध्यम ऊंचाई पर कॉफी टेबल और मिश्रण वाली सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
- स्टोरेज वाला बेड का इस्तेमाल करना है और डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करना है और ऐसी सामग्री का इस्तेमाल करें जो फोल्डेबल हो और कम जगह लेती हो।
Room Decoration में सामान्य गलतियां और बचने के उपाय?
सब कुछ एक साथ बिल्कुल भी नहीं खरीदना है और धैर्य बनाए रखना है और कमरे को विकसित होने देना है और एक-एक कर विशेष टुकड़े जोड़ना है।
बहुत बड़ा सोफा का इस्तेमाल नहीं करना है और छोटे कमरे में छोटा सोफा ही इस्तेमाल करना है।
केवल एक ही ओवरहेड लाइट पर निर्भर नहीं रहना है लेयर्ड लाइटिंग को अपनाना है।
निष्कर्ष
Room Decoration के नए तरीके आपको बताए गए हैं जो बिल्कुल ही नए है और किसी भी प्रकार की जानकारी में समस्या लगी हो तो कमेंट करके पूछे।